हरिद्वार (आरसी / संदीप कुमार) राष्ट्रीय जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्य में सहयोग न करने और निर्देशों की अवहेलना करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ हरिद्वार नगर निगम ने अब बेहद कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। नगर निगम प्रशासन ने बुधवार को 15 लापरवाह कर्मियों को अंतिम नोटिस जारी करते हुए उनके विरुद्ध तहरीर दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इन कर्मियों पर आरोप है कि बार-बार निर्देश दिए जाने के बावजूद इन्होंने जनगणना कार्य का दायित्व ग्रहण नहीं किया, जिससे इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय परियोजना में बाधा उत्पन्न हो रही है।
नगर निगम द्वारा जारी आधिकारिक नोटिस में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि संबंधित कर्मियों को जनगणना अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत तत्काल कार्यभार संभालने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने यह भी साफ कर दिया है कि यदि ये कर्मचारी पत्र प्राप्त होते ही अपनी ड्यूटी पर रिपोर्ट नहीं करते हैं, तो उनके विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 187 के अंतर्गत विधिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। यह धारा किसी लोक सेवक के आदेश की अवज्ञा करने और सरकारी कार्य में सहायता न करने से संबंधित दंड के प्रावधानों को रेखांकित करती है।
जिन 15 कर्मचारियों पर गाज गिरने की तैयारी है, उनमें मध्य गंगा नहर गुण नियंत्रण खंड-2 के 8 कर्मचारी शामिल हैं, जबकि शेष कर्मचारी शिक्षा विभाग के शिक्षक और अन्य स्टाफ सदस्य हैं। नगर निगम प्रशासन ने अपनी मंशा साफ कर दी है कि जनगणना एक अनिवार्य राष्ट्रीय कर्तव्य है और इसमें किसी भी स्तर पर शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन ने सभी संबंधित कर्मियों से अपेक्षा की है कि वे किसी भी प्रकार की दंडात्मक कार्यवाही से बचने के लिए तत्काल प्रभाव से अपना सहयोग प्रदान करें, अन्यथा भविष्य में होने वाले किसी भी कठोर कानूनी परिणाम के लिए वे स्वयं जिम्मेदार होंगे।
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