हरिद्वार : सिडकुल थाने में बिजनौर निवासी एक व्यक्ति की गुमशुदगी के मामले में पुलिस की संवेदनहीन कार्यशैली का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। सिडकुल थाने में गत 19 सितंबर को दर्ज इस गुमशुदगी मामले का जायजा लेने और पीड़ित परिवार परिजनों की तरफ से भीम आर्मी के प्रदेश स्तर के चर्चित नेता तेज प्रताप सैनी ने खुद कमान संभाल ली है। मामले की गंभीरता को भांपते हुए जब उन्होंने सीधे सिडकुल थाने में तैनात संबंधित दरोगा को फोन मिलाया, तो बातचीत के दौरान दरोगा का रवैया बेहद हैरान करने वाला और गैरजिम्मेदाराना नजर आया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह फैल रहा है। जिसकी खबर अलर्ट पुष्टि नहीं करता हैं।
मग़र वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि खाकी वर्दी में बैठे जिम्मेदार अधिकारी किस प्रकार एक जिम्मेदार जनप्रतिनिधि के साथ अत्यंत लापरवाही व बेपरवाह अंदाज में बातचीत कर रहे हैं। बातचीत के दौरान दरोगा ने हद पार करते हुए यहाँ तक कह दिया कि “क्या मेरे पास अलादीन का चिराग थोड़ा ही है। जो गुम हुए व्यक्ति को ढूंढ लूंगा।”
इस लचर और मनमाने रवैये से आहत होकर भीम आर्मी नेता तेज प्रताप सैनी ने तीखे सवाल खड़े किए हैं कि जब एक समाजसेवी और जाने-माने जानेमाने जनप्रतिनिधि से पुलिस का यह हालिया सुलूक है। तो फिर थाने की चौखट पर न्याय की आस लेकर पहुंचने वाले आम और बेसहारा इंसान के साथ पुलिस का बर्ताव कैसा होगा? तेज प्रताप सैनी ने हरिद्वार की ‘मित्र पुलिस’ की कार्यशैली पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगाते हुए इसे पूरी तरह संवेदनहीन और जनता के साथ धोखा करार दिया है।
तेज प्रताप सैनी ने बताया कि इस तरह के व्यवहार को लेकर जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को उक्त संबंध में व्हाट्स ऐप के माध्यम से शिकायत की। बुधवार को उक्त संबंध में संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ जिले के पुलिस कप्तान से उक्त प्रकरण को लेकर शिकायत पर कार्यवाही की मांग करेंगे।
तेज प्रताप सैनी ने बताया कि इस तरह के गैरजिम्मेदाराना व्यवहार को लेकर उन्होंने जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को व्हाट्सएप के माध्यम से शिकायत भेज दी है। बुधवार को इस संबंध में संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ जिले के पुलिस कप्तान से मुलाकात कर उक्त प्रकरण पर सख्त कार्रवाई की मांग की जाएगी।
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