हरिद्वार (आरसी / संदीप कुमार) जनपद में औद्योगिक शांति और कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के लिए प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। न्यायालय अपर जिला मजिस्ट्रेट प्रशासन हरिद्वार ने उत्तर प्रदेश गुंडा नियंत्रण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत पीपुल यूथ फ्रंट के नेता ललित कुमार को छह माह के लिए जिले से निष्कासित कर दिया है। एडीएम प्रशासन के इस आदेश के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ललित कुमार को हरिद्वार जिले की सीमा से बाहर छोड़ दिया है।
यह पूरी कार्रवाई प्रभारी निरीक्षक कोतवाली मंगलौर द्वारा प्रस्तुत की गई रिपोर्ट के आधार पर की गई है। पुलिस की इस रिपोर्ट में उल्लेख किया गया था कि ललित कुमार मंगलौर क्षेत्र की विभिन्न फैक्ट्रियों, विशेषकर आज्ञा बायोटेक के श्रमिकों को आर्थिक लाभ का लालच देकर भड़काने और उन्हें काम पर जाने से रोकने जैसी गतिविधियों में संलिप्त थे। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया कि ललित कुमार का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में अपना व्यक्तिगत दबदबा कायम करना था, जिससे सामाजिक व्यवस्था और शांति भंग होने की प्रबल आशंका बनी हुई थी। प्रशासन ने उनके विरुद्ध पूर्व में दर्ज कई गंभीर मुकदमों और उनके आपराधिक इतिहास को देखते हुए उन्हें जनहित में जिले से बाहर रखने का निर्णय लिया।
दूसरी ओर, जिला बदर की इस कार्रवाई पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए ललित कुमार ने जिले की सीमा पार करते ही एक वीडियो जारी कर प्रशासन पर हमला बोला है। उन्होंने पुलिस की रिपोर्ट को पूरी तरह झूठा और निराधार करार देते हुए कहा कि यह मजदूरों के हक में चल रहे देशव्यापी आंदोलन को कुचलने की एक सोची-समझी साजिश है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन उन्हें और मजदूरों को केवल इसलिए चुप कराना चाहता है ताकि उद्योगों में हो रहे शोषण के खिलाफ कोई आवाज न उठ सके। ललित कुमार ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए यह भी कहा कि उन्हें उत्तराखंड के ही किसी अन्य जिले में छोड़ा जा सकता था, लेकिन उन्हें सीधे उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की सीमा पर छोड़ना कानूनी रूप से गलत है।
वर्तमान में ललित कुमार ने अपने समर्थकों और मजदूरों से इस कार्रवाई के खिलाफ संगठित होने की अपील की है। उन्होंने घोषणा की है कि वह जिले के बॉर्डर पर ही रहकर अपना शांतिपूर्ण विरोध जारी रखेंगे और जल्द ही इस निर्णय के खिलाफ अनिश्चितकालीन धरने पर बैठेंगे। वहीं, पुलिस प्रशासन भी स्थिति को लेकर पूरी तरह सतर्क है और बॉर्डर पर ललित कुमार की गतिविधियों तथा उनके द्वारा दी गई धरने की चेतावनी पर पैनी नजर रखे हुए है।
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