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उत्तराखंड में यूसीसी कानून के तहत पहली कार्यवाही, हरिद्वार पुलिस ने जांच में तीन तलाक़ और हलाल की पुष्टि

Byआर सी

May 14, 2026

हरिद्वार (आरसी / संदीप कुमार) जनपद के थाना बुग्गावाला क्षेत्र में एक विवाहिता के साथ हुए अमानवीय व्यवहार और धार्मिक कुरीतियों के दुरुपयोग के मामले में पुलिस ने अपनी जांच पूरी कर ली है। ग्राम मुजाहिदपुर सतीवाला निवासी पीड़िता ने इसी वर्ष अप्रैल माह के पहले सप्ताह में  पुलिस को दी तहरीर में अपने पति और ससुराल पक्ष पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने, मारपीट करने और तीन तलाक देकर घर से निकालने के गंभीर आरोप लगाए थे। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने पति मौ० दानिश, ससुर सईद, जेठ मौ० अरसद, देवर परवेज व जावेद सहित सास, नन्द और नन्दोई के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और दहेज प्रतिषेध अधिनियम की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था।

मामले की गंभीरता को देखते हुए विवेचना के दौरान जब हलाला और तीन तलाक की पुष्टि हुई, तो हरिद्वार पुलिस ने कानून का कड़ा रुख अपनाते हुए इसमें उत्तराखंड में लागू समान नागरिक संहिता  एक्ट की संबंधित धाराओं  की विवेचना के आधार पर बढ़ोतरी कर दी। जांच के दौरान इस पूरे प्रकरण में देहरादून निवासी रहमान पुत्र वहीद का नाम भी सामने आया, जिसे पुलिस ने मुकदमे में नामजद करते हुए सह-आरोपी बनाया है।  में इस मामले की कमान संभाल रहे पुलिस अधिकारी को देखा जा सकता है।

पुलिस ने गहन विवेचना के बाद सभी आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य जुटाए और अब माननीय न्यायालय में उनके विरुद्ध आरोप पत्र  दाखिल कर दी है। आरोपियों पर  दहेज प्रतिषेध अधिनियम, मुस्लिम विवाह अधिनियम और यूसीसी एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत कानूनी शिकंजा कसा गया है। पुलिस की इस प्रभावी कार्रवाई से पीड़ित महिला को न्याय की उम्मीद जगी है और यह समाज में महिलाओं के अधिकारों के संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

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