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40 साल पुराने बीजेपी के दिग्गज ने खोला मोर्चा, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष पर लगाया ‘दमन’ का आरोप

Byआर सी

May 10, 2026

रुड़की (आरसी/संदीप कुमार) उत्तराखंड भाजपा के भीतर आंतरिक खींचतान अब खुलकर सतह पर आ गई है। रुड़की के पिरान कलियर क्षेत्र से भाजपा के बेहद पुराने और समर्पित नेता त्रिवेश सैनी ने पार्टी के ही एक नामचीन दिग्गज नेता और उनके पुत्र के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए प्रदेश नेतृत्व को एक तीखा शिकायती पत्र भेजा है। इस पत्र ने जिले की राजनीति में हलचल मचा दी है, क्योंकि इसमें न केवल वर्तमान चुनाव में धांधली के आरोप हैं, बल्कि अतीत के क्षेत्रीय विवादों और वैचारिक मतभेदों को भी कुरेदा गया है।

पिरान कलियर के पूर्व मंडल अध्यक्ष त्रिवेश सैनी ने प्रदेश अध्यक्ष को भेजे पत्र में अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि वह पिछले 40 वर्षों से पार्टी की सेवा कर रहे हैं, लेकिन आज उन्हें और उनके परिवार को संगठन के ही कुछ रसूखदार और रसूख रखने वाले लोगों द्वारा प्रताड़ित किया जा रहा है। विवाद की मुख्य जड़ दौलतपुर सहकारी संघ लिमिटेड के डायरेक्टर पद के चुनाव को माना जा रहा है। सैनी का सीधा आरोप है कि पार्टी के इस नामचीन नेता ने अपने प्रभाव का दुरुपयोग करते हुए अपने पुत्र, जो स्वयं भाजपा में पदाधिकारी हैं, के माध्यम से उनके और उनके समर्थित उम्मीदवारों के नामांकन पर द्वेषपूर्ण आपत्तियां लगवाईं और षड्यंत्र रचकर उनका नामांकन निरस्त करवा दिया।

इस शिकायती पत्र में त्रिवेश सैनी ने संबंधित नामचीन नेता के राजनीतिक अतीत पर भी तीखे सवाल उठाए हैं। उन्होंने उन्हें अवसरवादी बताते हुए कहा कि उनका परिवार पूर्व में विपक्षी दलों में रहा है और समय देखकर पाला बदलता रहा है। सबसे गंभीर आरोप क्षेत्रीय विभाजन को लेकर लगाया गया है। सैनी ने याद दिलाया कि उक्त नेता ने अतीत में एक विशिष्ट मोर्चा बनाकर राज्य में ‘मैदान बनाम पहाड़’ का मुद्दा उछाला था, जिससे सामाजिक समरसता को भारी नुकसान पहुँचा था। सैनी के अनुसार, ऐसी विभाजनकारी राजनीति भाजपा की मूल समावेशी विचारधारा के पूरी तरह विपरीत है।

वरिष्ठ भाजपा कार्यकर्ता ने चेतावनी भरे लहजे में कहा है कि पार्टी के मूल कार्यकर्ताओं का दमन होने से स्थानीय स्तर पर निष्ठावान कार्यकर्ताओं का मनोबल गिर रहा है। उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष और संगठन महामंत्री से मांग की है कि इन नामचीन नेता और उनके पुत्र के विरुद्ध तत्काल कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए ताकि दशकों से पार्टी को अपने रक्त-पसीने से सींचने वाले मूल कार्यकर्ताओं का विश्वास बना रहे। इस पत्र की प्रतियां भाजपा के प्रदेश महामंत्री (संगठन) और जिला प्रभारी को भी भेजी गई हैं, जिससे अब गेंद प्रदेश नेतृत्व के पाले में है। अब देखना यह होगा कि क्या भाजपा आलाकमान इस गुटबाजी पर लगाम लगा पाता है या यह विवाद आने वाले समय में और गहराएगा।

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By आर सी

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