हरिद्वार (आरसी / संदीप कुमार) सिडकुल औद्योगिक क्षेत्र में वेतन बढ़ोतरी को लेकर संविदा श्रमिकों के बीच उपजा विवाद और भ्रम अब पूरी तरह शांत हो चुका है। सहायक श्रम आयुक्त प्रशांत कुमार ने इस संबंध में स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि क्षेत्र में औद्योगिक शांति पूरी तरह बहाल हो गई है और सभी प्रतिष्ठानों में उत्पादन प्रक्रिया सुचारू रूप से गतिमान है। उन्होंने सभी श्रमिकों से विशेष अपील की है कि वे किसी के बहकावे में न आएं और न ही किसी प्रकार की भ्रामक स्थिति उत्पन्न होने दें।
इससे पूर्व जनपद हरिद्वार के लगभग 25 औद्योगिक प्रतिष्ठानों के संविदा श्रमिक वेतन वृद्धि और अन्य मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन कर रहे थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने त्वरित संज्ञान लिया और सिडकुल क्षेत्र के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को नोडल अधिकारी नामित किया। साथ ही उन्होंने श्रम विभाग को श्रमिक समस्याओं व धरने के तत्काल निस्तारण के निर्देश दिए। जिलाधिकारी के निर्देशों के अनुपालन में उप श्रम आयुक्त और सहायक श्रम आयुक्त ने सक्रियता दिखाते हुए प्रबंधन और श्रमिक, दोनों पक्षों के बीच सौहार्दपूर्ण वातावरण में वार्ता कराई, जिसके बाद दोनों पक्षों के मध्य सहमति बनी और सभी समस्याओं का कुशलतापूर्वक समाधान निकालते हुए समझौता करा दिया गया।
सहायक श्रम आयुक्त ने स्पष्ट किया कि श्रमिकों के बीच वेतन बढ़ोतरी को लेकर जो अफवाहें थीं, उन्हें नियमित संवाद के जरिए दूर कर दिया गया है। विभाग ने नोन-इंजीनियरिंग उद्योगों में महंगाई भत्ते की बढ़ोतरी एवं न्यूनतम वेतन की सही स्थिति साफ की है, और साथ ही इंजीनियरिंग उद्योगों में 1 अप्रैल 2026 से लागू पुनरीक्षित न्यूनतम वेतन के संबंध में भी श्रमिकों को जागरूक किया है। इस भ्रम को दूर करने के लिए विभाग द्वारा बकायदा प्रेस नोट और वीडियो फुटेज भी जारी किए गए हैं।
वर्तमान में सिडकुल क्षेत्र में कोई भी धरना-प्रदर्शन नहीं चल रहा है और सभी श्रमिक कुशलतापूर्वक अपना कार्य कर रहे हैं। विभाग द्वारा जगह-जगह व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया जा रहा है कि यदि किसी भी श्रमिक को वेतन या अन्य कोई समस्या होती है, तो वे सबसे पहले इस प्रकरण को श्रम विभाग के संज्ञान में लाएं ताकि समयान्तर्गत उसका उचित निस्तारण किया जा सके।
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