हरिद्वार (आरसी / संदीप कुमार) राजा गार्डन गणपति धाम के पास से होकर गुजरने वाले सिंचाई नाले में सोमवार को अचानक पानी का बहाव बढ़ने से क्षेत्र में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए। नाले का पानी ओवरफ्लो होकर आसपास की रिहायशी कॉलोनियों में घुस गया, जिससे मुख्य मार्ग और अंदरूनी सड़कें पूरी तरह जलमग्न हो गईं। पहले से ही सीवर निर्माण की मार झेल रहे स्थानीय निवासियों के लिए इस जलभराव ने अब दोहरी मुसीबत खड़ी कर दी है।
स्थानीय रहवासियों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से सीवर निर्माण का कार्य चल रहा है, जिसकी वजह से लोग पहले ही धूल, मिट्टी और टूटी सड़कों से परेशान थे। अब ऊपर से नाले का गंदा पानी कॉलोनियों में जमा होने से स्थिति और बदतर हो गई है। जलभराव के कारण सड़कों को भी भारी नुकसान पहुँच रहा है। निवासियों ने रोष जताते हुए कहा कि एक तो क्षेत्र में पानी की निकासी की कोई उचित व्यवस्था नहीं है, ऊपर से यह ओवरफ्लो होता नाला उनके लिए बड़ा सरदर्द बन गया है। सबसे बड़ी विडंबना यह है कि इतनी बड़ी समस्या होने के बाद भी कोई अधिकारी उनकी शिकायत सुनने तक को तैयार नहीं है।
दूसरी ओर, मामला संज्ञान में आने के बाद सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता ओम कुमार गुप्ता ने बताया कि इस समस्या पर जल्द ही उचित कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि कॉलोनीवासी खुद नाले में कूड़ा-करकट डाल रहे हैं, जिस कारण नाला पूरी तरह चोक हो गया है। कचरा फंसने की वजह से ही पानी आगे नहीं बढ़ पा रहा और बाहर की ओर बहकर कॉलोनियों में घुस रहा है।
अधिशासी अभियंता ने आगे बताया कि इस समय किसानों की ओर से सिंचाई के पानी की भारी मांग है, जिसके चलते नाले में पानी का बहाव ज्यादा रखना पड़ रहा है। एक तरफ सिंचाई के पानी का दबाव और दूसरी तरफ नाला चोक होने के कारण पानी बीच में ही ओवरफ्लो हो रहा है। उन्होंने स्थानीय जनता से नाले में कचरा न फेंकने की अपील करते हुए जल्द से जल्द सफाई कार्य शुरू कराने का भरोसा दिया है, ताकि कॉलोनियों में दोबारा जलभराव न हो।
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