रुड़की।(आरसी / संदीप कुमार) पूर्व विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन की ओर से दलित समाज से मांगी गई माफी का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। इस घटना के बाद दलित समाज दो खेमों में बंटता नजर आ रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए नेशनल भीम आर्मी के चीफ लोकेश कटारिया ने अगले रविवार को रुड़की के रविदास घाट पर एक बड़ी दलित महापंचायत बुलाने का ऐलान किया है।
भीम आर्मी चीफ लोकेश कटारिया ने स्पष्ट किया है कि कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन द्वारा बंद कमरे में या घर जाकर मांगी गई माफी समाज को कतई स्वीकार नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि चैंपियन वाकई में खेद व्यक्त करना चाहते हैं, तो उन्हें रविदास घाट पर आयोजित होने वाली महापंचायत में सर्व समाज के सामने आकर सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी होगी। कटारिया ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि ऐसे गंभीर मामलों में केवल औपचारिक माफी मांगकर मामले को रफा-दफा किया गया, तो अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कानून की सार्थकता पर ही प्रश्नचिन्ह लग जाएगा। उन्होंने शासन और प्रशासन को मामले में निष्पक्ष एवं सख्त कानूनी कार्रवाई करने की चेतावनी देते हुए कहा कि यदि ऐसा नहीं हुआ, तो समाज आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होगा।
ज्ञात हो कि कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन ने योगेश प्रमुख दीपक सेठपुर, सोनू लाठी और राज्य मंत्री देशराज कर्नवाल के साथ शांतरशाह पहुंचकर पीड़ित परिवार से माफी मांगी थी। इस दौरान वहां उपस्थित लोगों ने माफी मांगने का वीडियो भी बनाया था, जिसे चैंपियन ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सार्वजनिक रूप से प्रसारित किया था। हालांकि, यह विवाद तब और गहरा गया जब नैनीताल उच्च न्यायालय से खबर आई कि चैंपियन ने SC/ST मामले में गिरफ्तारी से बचने के लिए दायर की गई अपनी याचिका वापस ले ली है।
इस घटनाक्रम के बाद दलित समाज में दो तरह की राय सामने आ रही है। जहां एक वर्ग का मानना है कि यह माफी केवल कानूनी कार्रवाई और गिरफ्तारी से बचने की एक सोची-समझी रणनीति है, वहीं दूसरा वर्ग इसे एक सकारात्मक कदम मानते हुए विवाद को यहीं समाप्त करने की बात कर रहा है। अब सभी की निगाहें आगामी रविवार को होने वाली महापंचायत पर टिकी हैं। जो इस पूरे प्रकरण की दिशा तय करेगी।
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