रुड़की (आरसी/संदीप कुमार) : विकास खंड रुड़की के अंतर्गत ग्राम पंचायत बड़ेढी राजपूताना के गांव शांतरशाह में गुरुवार को हुई मूसलाधार बारिश ने ग्रामीणों का जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। गांव का मुख्य जोहड़ (तालाब) ओवरफ्लो होकर उफान पर है, जिससे उसका गंदा पानी सड़कों के रास्ते गलियों और लोगों के घरों में घुस गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि स्थिति बेहद चिंताजनक है। जोहड़ का गंदा पानी अब घरों की दहलीज लांघकर अंदर प्रवेश कर चुका है, जिससे भारी गंदगी और बदबू फैल गई है। पानी के साथ कचरा और जलजीव भी घरों में पहुंच रहे हैं, जिसके चलते ग्रामीणों, विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों में सांप व जहरीले कीड़े-मकौड़ों के डर से दहशत का माहौल है। जलभराव के कारण ग्रामीणों का घरों से निकलना दूभर हो गया है और दैनिक कामकाज पूरी तरह ठप हो गए हैं। ग्रामीणों ने बताया कि यह समस्या नई नहीं है, बल्कि वर्षों से चली आ रही है। जोहड़ के पास स्थित मंदिर तक जाने के लिए भी श्रद्धालु घुटनों तक गंदे पानी से होकर गुजरने को विवश हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि विकास के बड़े-बड़े दावों के बीच शांतरशाह गांव मूलभूत सुविधाओं से वंचित है।

हैरानी की बात यह है कि बारिश शुरू होने से ठीक दो दिन पहले ही रुड़की की खंड विकास अधिकारी सुमन कुटियाल और स्थानीय पटवारी ने गांव का दौरा किया था। उस समय नालियों को खुलवाने और जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान पर चर्चा हुई थी, लेकिन दो दिन बाद ही हुई बारिश ने प्रशासन के उन दावों की पोल खोल दी है। ग्रामीणों का कहना है कि आला अधिकारियों के दौरे के बावजूद समस्या का कोई ठोस समाधान नहीं निकाला गया, जिसका खामियाजा आज पूरा गांव भुगत रहा है।
प्रभावित ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस समस्या का केवल दिखावटी नहीं, बल्कि स्थायी समाधान किया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं की गई, तो आगामी दिनों में कोई बड़ी अनहोनी हो सकती है। अब देखना यह है कि क्या प्रशासन गहरी नींद से जागकर शांतरशाह के लोगों को इस नारकीय स्थिति से निजात दिला पाएगा या ग्रामीणों को हर बारिश में इसी तरह मुसीबत का सामना करना पड़ेगा।
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