हरिद्वार (आरसी/ संदीप कुमार) जिले में एक ओर जहां प्रशासन आगामी कांवड़ यात्रा को लेकर तमाम तरह के सुरक्षा दावे और पुख्ता तैयारियों के बड़े-बड़े दावे कर रहा है, वहीं दूसरी ओर ज़मीनी हकीकत इन दावों की पोल खोलती नज़र आ रही है। हाईवे पर चल रहे निर्माण कार्यों की घोर लापरवाही के चलते यात्रियों और स्थानीय नागरिकों की जान खतरे में पड़ गई है। रात के समय यहां ओर भी स्थिति गंभीर हो जाती हैं।

पतंजलि योगपीठ फ्लाईओवर और रॉ नदी पुल के पास निर्माणाधीन हाईवे पर सुरक्षा के तमाम नियमों को ताक पर रख दिया गया है। स्थिति यह है कि निर्माण कार्य के चलते लोहे के नुकीले सरिए हाईवे पर जगह-जगह बिखरे पड़े हैं। पुल निर्माण से निकले और सीधे खड़े ये सरिए किसी भी वाहन चालक या पैदल यात्री के लिए घातक साबित हो सकते हैं। इन खतरनाक सरियों के आसपास सुरक्षा के लिहाज से किसी भी तरह की बैरिकेडिंग या आड़बंदी नहीं की गई है, जिससे रात के समय या तेज रफ्तार में हादसों की आशंका कई गुना बढ़ गई है।

सावन मास और कांवड़ यात्रा की शुरुआत लगभग हो चुकी है। इस दौरान हाईवे पर भारी संख्या में शिव भक्तों और आम जनता का आवागमन रहता है। ऐसे में निर्माणधीन स्थल पर बरती जा रही यह लापरवाही किसी बड़े हादसे या अनहोनी को खुला न्योता दे रही है।

स्थानीय नागरिकों और राहगीरों ने प्रशासन और संबंधित निर्माण कंपनी की इस कार्यप्रणाली पर गहरा रोष व्यक्त किया है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इन खुले और नुकीले सरियों को हटाया नहीं गया या सुरक्षा घेरा नहीं बनाया गया, तो कभी भी कोई बड़ा सड़क हादसा घटित हो सकता है।
जनता और यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को इस गंभीर मामले का तुरंत संज्ञान लेना चाहिए तथा निर्माणधीन स्थल पर तत्काल सुरक्षा प्रबंध सुनिश्चित करने के निर्देश देने चाहिए।
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