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पतंजलि योगपीठ के आचार्य बालकृष्ण को फर्जी पासपोर्ट मामले में सीबीआई कोर्ट से बड़ी राहत, सभी आरोपों से बरी

Byआर सी

Sep 7, 2026

देहरादून (आरसी/संदीप कुमार) योग गुरु बाबा रामदेव के करीबी सहयोगी और पतंजलि योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट बनवाने से जुड़े बहुचर्चित मामले में आखिरकार बड़ी कानूनी राहत मिल गई है। देहरादून स्थित सीबीआई की विशेष अदालत ने लंबी कानूनी लड़ाई के बाद आचार्य बालकृष्ण को इस मामले के सभी आरोपों से पूरी तरह बरी कर दिया है। अदालत के इस फैसले से पतंजलि और आचार्य बालकृष्ण से जुड़े इस पुराने विवाद का औपचारिक अंत हो गया है।

यह पूरा मामला वर्ष 2011 का है। उस दौरान यह आरोप लगाया गया था कि आचार्य बालकृष्ण ने उत्तर प्रदेश के बरेली स्थित क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय से पासपोर्ट प्राप्त करने के लिए जो शैक्षिक दस्तावेज और प्रमाण पत्र प्रस्तुत किए थे। वे संदिग्ध और फर्जी थे। यह भी दावा किया गया था कि पासपोर्ट आवेदन में जिन दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया, वे बुलंदशहर के खुर्जा स्थित एक संस्कृत महाविद्यालय से जुड़े थे, जिनकी सत्यता पर सवाल खड़े किए गए थे।

मामले के तूल पकड़ने के बाद केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने इस मामले को अपने हाथ में लिया और जुलाई 2011 में आचार्य बालकृष्ण के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं जैसे धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश तथा पासपोर्ट अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी। इस हाई-प्रोफाइल मामले ने उस समय देश के राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में काफी हलचल मचा दी थी।

प्राथमिकी दर्ज होने के तुरंत बाद, जुलाई 2011 में ही उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने आचार्य बालकृष्ण की गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगा दी थी और उनके पासपोर्ट को अदालत में जमा कराने के निर्देश दिए थे। इसके बाद मामला अदालत में विचाराधीन रहा। वर्ष 2018 में उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने एक अहम आदेश देते हुए उन्हें अपना पासपोर्ट वापस लेने और उसका नियमानुसार नवीनीकरण कराने की अनुमति दे दी थी, जिससे उन्हें बड़ी राहत मिली थी।

अब, देहरादून की विशेष सीबीआई अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और साक्ष्यों का बारीकी से परीक्षण करने के बाद अपना फैसला सुनाया है। अदालत ने पर्याप्त सबूतों और साक्ष्यों के अभाव में आचार्य बालकृष्ण को सभी आरोपों से दोषमुक्त करार दिया है। इस फैसले के बाद उनके समर्थकों और पतंजलि परिवार में खुशी की लहर है, क्योंकि लगभग डेढ़ दशक से उनके ऊपर लटकी कानूनी तलवार अब हट चुकी है।

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By आर सी

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