हरिद्वार: जिले के बहादराबाद कोतवाली क्षेत्र के गांव शांतरशाह में ठीक दस दिन पहले बाइक मैकेनिक हैप्पी की दुकान में घुसकर बरसाई गई गोलियों का बदला आखिरकार पुलिस ने चुका ही दिया है। शनिवार की देर रात दौलतपुर गांव के जंगलों में पुलिस और बदमाशों के बीच जबरदस्त मुठभेड़ हो गई। पुलिस के ताबड़तोड़ एक्शन में एक बदमाश पैर में गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि उसका दूसरा साथी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार होने में कामयाब रहा।
शनिवार देर रात दौलतपुर के जंगलों मे बहादराबाद कोतवाल अमरजीत सिंह के नेतृत में मुस्तैद हरिद्वार पुलिस ने मोर्चा संभालते हुए एक बदमाश के पैर में गोली मार दी और सहारनपुर कनेक्शन वाला एक बदमाश गोली लगने से वहीं घायल हो गया। घायल बदमाश को तुरंत जिला चिकित्सालय भिजवाया गया। वहीं, अंधेरे और रात के सन्नाटे का लाभ उठाकर फरार हुए दूसरे बदमाश की तलाश में पुलिस की कई टीमें जंगलों में लगातार कॉम्बिंग और ताबड़तोड़ दबिश दे रही हैं।

हत्या के सात दिन बीत जाने के बाद भी जब पुलिस के हाथ खाली थे, तो मृतक हैप्पी के परिजनों और भीम आर्मी जय भीम संगठन का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया था। मंगलवार को उन्होंने बहादराबाद कोतवाली पर ऐसा धावा बोला कि प्रशासन के पसीने छूट गए थे। मामले की नजाकत को भांपते हुए ज्वालापुर क्षेत्राधिकारी संजय चौहान ने मौके पर पहुंचकर और महज तीन दिन के भीतर खुलासे का अल्टीमेटम देकर किसी तरह उग्र भीड़ को शांत कराया था। पुलिस ने अपने इसी वादे पर मुहर लगाते हुए चंद रोज में ही बदमाशों का ऐसा हाल कर दिया कि पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।

मुठभेड़ के तुरंत बाद एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर खुद जिला चिकित्सालय पहुंचे और अस्पताल के बेड पर दर्द से कराह रहे घायल बदमाश मुदस्सिर से आमने-सामने पूछताछ की। उधर, एसपी सिटी दीपक सिंह ने भी पूरे ऑपरेशन की कमान संभाल रखी थी।
अब पुलिस की पूरी सुई इस बात पर टिक गई है कि आखिर मैकेनिक हैप्पी का कत्ल क्यों किया गया? क्या इसके पीछे कोई पुरानी रंजिश थी या कोई बड़ा सुपारी किलर गैंग शामिल था? फरार साथी और इस खौफनाक साजिश के असली मास्टरमाइंड तक पहुंचने के लिए पुलिस अब मुदस्सिर की कुंडली खंगालने में जुट गई है। क्षेत्र की निगाहें अब बस उस आखिरी खुलासे पर टिकी हैं, जो इस सनसनीखेज मर्डर मिस्ट्री का मुकम्मल पर्दाफाश करेगा!
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