बहादराबाद (आरसी/संदीप कुमार) ग्राम सलेमपुर मेहदूद की एक कॉलोनी में विकास की तस्वीर धुंधली पड़ती दिखाई दे रही है। यहाँ की सड़कों पर बिछी इंटरलॉक टाइल अब पानी के नीचे गुम हो चुका है, जिसका मुख्य कारण जल निकासी की उचित व्यवस्था न होना है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह समस्या वर्षों से बनी हुई है। प्रशासन ने सड़क तो बनवा दी, लेकिन पानी के निकलने का कोई रास्ता नहीं बनाया। आलम यह है कि सड़क बनने का कोई लाभ मिलने के बजाय निवासियों को और अधिक नुकसान झेलना पड़ रहा है क्योंकि पूरी सड़क अब एक गंदे तालाब का रूप ले चुकी है।
कॉलोनीवासियों ने अपना दर्द बयां करते हुए बताया कि वे लंबे समय से इस नारकीय स्थिति में जी रहे हैं, लेकिन न तो क्षेत्र के जनप्रतिनिधि और न ही प्रशासनिक अधिकारी उनकी सुध लेने को तैयार हैं। हालात इतने बदतर हो चुके हैं कि अब तो रिश्तेदारों और मेहमानों का घर आना भी दूभर हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि जब भी कोई मेहमान कॉलोनी में आता है, तो वह सड़क की हालत और चारों तरफ फैली गंदगी को देखकर कॉलोनीवासियों पर तंज कसने से नहीं चूकता। अपनों के सामने शर्मिंदा होते इन परिवारों के लिए यह स्थिति अब आत्मसम्मान का मुद्दा बन गई है।
कॉलोनी के पास से गुजरने वाले नाले की स्थिति भी बेहद खराब है। नाले की नियमित और सही ढंग से सफाई न होने के कारण इसका पानी उफान मारने लगता है और सारा कचरा व बदबूदार पानी सड़क पर फैल जाता है। इस लापरवाही का सबसे बुरा असर छोटे-छोटे मासूम बच्चों पर पड़ रहा है। स्कूली बच्चों के लिए यह रास्ता किसी दुःस्वप्न से कम नहीं है। रोजाना बच्चों को स्कूल जाते समय इस गंदे पानी और कीचड़ के बीच से जद्दोजहद करते हुए निकलना पड़ता है। कई बार बच्चों की स्कूल ड्रेस गंदे पानी के छींटों से खराब हो जाती है, जिससे उन्हें मानसिक और शारीरिक परेशानी झेलनी पड़ती है।
वर्तमान में मौसम भी करवट बदल रहा है, ऐसे में जमा हुए इस दूषित पानी में मक्खियों और मच्छरों ने अपना डेरा जमा लिया है। निवासियों को डर है कि यदि जल्द ही नाले की सफाई और जल निकासी का समाधान नहीं हुआ, तो क्षेत्र में गंभीर बीमारियां पैर पसार सकती हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि कागजी विकास से इतर धरातल पर आकर इस समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाए।
खण्ड विकास अधिकारी मानव मित्तल बहादराबाद ने बताया कि, “
![]()
