हरिद्वार/लक्सर: (आरसी / संदीप कुमार) लक्सर ब्लॉक की अकोढ़ा खुर्द ग्राम पंचायत की प्रधान बसंती देवी को घोटालों के दलदल में फंसने के बाद कुर्सी से उतार फेंका गया है।
विकास के नाम पर कागजी खेल और घटिया माल का तड़का अकोढ़ा खुर्द की कश्यप बस्ती में सीसी सड़क निर्माण में घटिया सामग्री की शिकायत मिलने के बाद जब जांच शुरू हुई, तो परत-दर-परत भ्रष्टाचार की ऐसी फाइलें खुलीं कि प्रशासन भी दंग रह गया। जांच में सामने आया कि प्रधान जी ने सड़क के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की और निर्माण में घटिया सामग्री का जमकर इस्तेमाल किया। हद तो तब हो गई, जब एक ही सड़क को अलग-अलग नाम से दिखाकर सरकारी खजाने से पैसा डकारने की कोशिश की गई।
दस्तावेजों में हेराफेरी और प्रधान जी की चुप्पी ने खोली पोल। जब प्रशासन ने घोटाले की सच्चाई जानने के लिए हिसाब-किताब मांगा, तो प्रधान बसंती देवी ने अभिलेख देने से ही किनारा कर लिया। बार-बार नोटिस मिलने के बावजूद उन्होंने न तो कैशबुक दिखाई, न बैंक पासबुक और न ही स्टॉक रजिस्टर। उनकी यह चुप्पी ही उनके खिलाफ सबूत बन गई। जांच में यह भी पता चला कि ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर जो आंकड़े दर्ज थे, वे जमीनी हकीकत से कोसों दूर थे।
सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि सार्वजनिक हित को दरकिनार कर विकास कार्यों को निजी भूमि और व्यक्तिगत पहुंच मार्गों पर कराया गया, ताकि अपने चहेतों को फायदा पहुँचाया जा सके। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने इसे गंभीर वित्तीय अनियमितता मानते हुए उत्तराखंड पंचायतीराज अधिनियम से संबंधित धारा के तहत प्रधान को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है।
जिलाधिकारी ने साफ कर दिया है कि जनता के पैसे की बर्बादी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अब घोटाले में शामिल रही राशि की वसूली की तैयारी शुरू हो गई है। साथ ही, इस पूरी मिलीभगत में शामिल रहे ग्राम पंचायत विकास अधिकारी और अन्य जिम्मेदार कर्मचारियों पर भी जांच की तलवार लटक गई है। फिलहाल पंचायत का काम संभालने के लिए तीन सदस्यों की एक समिति का गठन कर दिया गया है।
![]()
