हरिद्वार (आरसी / संदीप कुमार) उत्तराखंड की सबसे संवेदनशील जेलों में शुमार रोशनाबाद जिला जेल की सुरक्षा व्यवस्था अब पहले से कहीं अधिक अभेद्य होने जा रही है। जेल प्रशासन ने अपराधियों के मंसूबों पर पानी फेरने के लिए परिसर में एक नई हाई सिक्योरिटी बैरक का निर्माण कार्य लगभग पूरा कर लिया है। अभी उपकरण लगाने बाकी है ।जिससे जेल के भीतर पनपने वाले आपराधिक नेटवर्क और गुटबाजी पर लगाम लगेगी।
इस नई हाई सिक्योरिटी बैरक को विशेष रूप से उन हार्डकोर अपराधियों और नामचीन गैंगस्टरों के लिए बनाया गया है। जो जेल के भीतर से अपना नेटवर्क चलाने या अन्य कैदियों को प्रभावित करने की कोशिश करते हैं। इस विशेष बैरक में कुल 50 कैदियों को रखने की व्यवस्था की गई है। बाहर से साधारण दिखने वाली यह बैरक आधुनिक सुरक्षा उपकरणों से लैस होंगें। जिसका मुख्य मकसद बड़े अपराधियों को सामान्य कैदियों से पूरी तरह अलग रखकर जेल के अनुशासन को बनाए रखना है।
विदित हो कि अक्टूबर 2024 में हरिद्वार जेल प्रशासन को भारी फजीहत का सामना करना पड़ा था, जब रामलीला मंचन के दौरान पात्र निभा रहे दो कैदी दीवार फांदकर फरार हो गए थे। हालांकि हरिद्वार पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए बाद में उन्हें गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन उस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था की कमियों को उजागर कर दिया था। इसी से सबक लेते हुए अब जेल में सुरक्षा घेरा बेहद सख्त किया गया है।
वर्तमान में 888 कैदियों की क्षमता वाली हरिद्वार जेल में करीब साढ़े नौ सौ कैदी बंद हैं। जेल अधीक्षक मनोज कुमार आर्य का कहना है कि नई बैरक बनकर तैयार है और जल्द ही इसे शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि हाई सिक्योरिटी बैरक के जरिए हार्डकोर अपराधियों को आइसोलेट किया जाएगा ताकि जेल के भीतर भविष्य में किसी भी तरह की गुटबाजी या आपराधिक गतिविधियों को बढ़ावा न मिले।
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