बहादराबाद (आरसी/संदीप कुमार) हरिद्वार के बहादराबाद क्षेत्र स्थित एक निजी कॉलेज की तानाशाही का मामला सामने आया है, जहाँ प्रबंधन द्वारा एक छात्र के मूल शैक्षणिक दस्तावेज अवैध रूप से रोकने और मांगने पर अभद्रता करने का आरोप लगा है। बिहार पुलिस भर्ती की लिखित परीक्षा पास कर चुके छात्र सत्य प्रकाश का भविष्य अब अधर में लटक गया है। क्योंकि कॉलेज प्रबंधन उसके ऑरिजनल सर्टिफिकेट वापस करने को तैयार नहीं है। इस मामले में पीड़ित पक्ष ने शांतरशाह चौकी और बहादराबाद थाने में तहरीर देकर न्याय की गुहार लगाई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बिहार के पश्चिमी चंपारण निवासी छात्र सत्य प्रकाश ने सत्यापन प्रक्रिया के लिए अपने मूल दस्तावेज कॉलेज में जमा कराए थे। वर्तमान में छात्र ने बिहार पुलिस की लिखित परीक्षा उत्तीर्ण कर ली है और अब शारीरिक दक्षता परीक्षा के लिए उसे इन मूल दस्तावेजों की अनिवार्य आवश्यकता है। आरोप है कि जब छात्र के प्रतिनिधि तेज प्रताप सैनी ने कॉलेज प्रबंधन से संपर्क किया, तो सहयोग करने के बजाय वहां तैनात कर्मचारियों ने उनके साथ घोर अभद्रता की। शिकायत में कहा गया है कि प्रबंधन के जिम्मेदार कर्मचारी गाली-गलौज पर उतर आए और खुलेआम चुनौती दी कि पुलिस या किसी भी संगठन से शिकायत करने पर उनका कुछ नहीं बिगड़ेगा।
भीम आर्मी नेता तेजप्रताप सैनी ने बताया कि नियमानुसार सत्यापन के बाद किसी भी संस्थान को छात्र के मूल दस्तावेज अपने पास रखने का कानूनी अधिकार नहीं है।
वहीं छात्र का करियर दांव पर होने के कारण मामले की गंभीरता और बढ़ गई है। पुलिस को सौंपी गई तहरीर में आरोप लगाया गया है कि कॉलेज प्रबंधन न केवल कानून की धज्जियां उड़ा रहा है, बल्कि सामाजिक संगठनों और छात्र के प्रतिनिधियों को डरा-धमका कर मानसिक रूप से प्रताड़ित भी कर रहा है। पीड़ित पक्ष ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि कॉलेज के विरुद्ध तत्काल कठोर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर दस्तावेज बरामद किए जाएं, ताकि छात्र का पुलिस भर्ती में शामिल होने का सपना टूट न जाए।
बहादराबाद थाना अध्यक्ष अंकुर शर्मा ने बताया कि तहरीर प्राप्त हुई हैं। शिकायत पत्र के आधार पर जांच चल रही हैं।
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