भगवानपुर (आरसी/संदीप कुमार): हरिद्वार के भगवानपुर थाना क्षेत्र स्थित बनारसी गांव में रविवार को संत रविदास जयंती की शोभायात्रा के दौरान दो पक्षों के बीच हुआ मामूली विवाद एक खूनी संघर्ष में तब्दील हो गया। पुरानी रंजिश की आग में सुलग रहे इस विवाद ने इतना उग्र रूप लिया कि दोनों ओर से जमकर पथराव और फायरिंग हुई, जिसमें गोली लगने से दो लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। इस हिंसा में कई अन्य लोग भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल व्याप्त हो गया और आक्रोशित भीड़ ने एक पक्ष के घर में तोड़फोड़ कर आगजनी कर दी।
इस संवेदनशील मामले में एसएसपी हरिद्वार प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने बेहद कड़ा रुख अपनाया है। रविवार को हुई इस घटना के बाद पुलिस अधीक्षक ग्रामीण की जांच रिपोर्ट में स्थानीय पुलिस की बड़ी लापरवाही सामने आई है। रिपोर्ट में यह स्पष्ट हुआ कि सूचना के बावजूद पुलिसकर्मी तत्काल मौके पर नहीं पहुंचे और न ही समय रहते उच्चाधिकारियों को घटना की गंभीरता के बारे में जानकारी दी।
इस घोर लापरवाही को देखते हुए एसएसपी ने सख्त कार्रवाई करते हुए चौकी प्रभारी तेज्जुपुर सहित एक हेड कांस्टेबल और एक कांस्टेबल को तत्काल प्रभाव से निलंबित (सस्पेंड) कर दिया है। फिलहाल पुलिस ने करीब 20 संदिग्धों को हिरासत में लिया है और मुख्य आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है। सुरक्षा के मद्देनजर गांव में भारी पुलिस बल और पीएसी तैनात है और प्रशासन स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए है।
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