हरिद्वार (आरसी / संदीप कुमार) कप्तान प्रमेन्द्र सिंह डोबाल के नेतृत्व में हरिद्वार पुलिस ने कामयाबी की एक नई मिसाल पेश करते हुए बहादराबाद क्षेत्र में हुई सेल्समैन लूट की घटना का सफल खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में एक अंतर्राज्यीय गिरोह के दो सक्रिय सदस्यों को दबोचने में सफलता प्राप्त की है। पकड़े गए बदमाशों ने अपने अयाश शौक पूरा करने के लिए अपराध का रास्ता चुना था और कई दिनों की रेकी के बाद इस वारदात को अंजाम दिया था।

घटनाक्रम के अनुसार, बीते मंगलवार को जगजीतपुर स्थित देशी शराब के ठेके से नकदी लेकर ऑटो के जरिए रुड़की जा रहे सेल्समैन कृष्णा राणा को पतंजलि रिसर्च सेंटर के पास दो बाइक सवार बदमाशों ने रोक लिया था। बदमाशों ने तमंचे के बल पर सेल्समैन को आतंकित किया और रुपयों से भरा बैग छीनकर फरार हो गए। इस सनसनीखेज वारदात के बाद एसएसपी प्रमेन्द्र सिंह डोबाल ने तत्काल एक्शन लेते हुए एएसपी ज्वालापुर जितेंद्र चौधरी के नेतृत्व में विशेष टीमों का गठन किया था।
पुलिस टीम ने मैनुअल और डिजिटल पुलिसिंग का बेहतरीन तालमेल दिखाते हुए घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी कैमरों और सीआईयू की तकनीकी मदद से जांच को आगे बढ़ाया। पुलिस को मुखबिर तंत्र के जरिए सूचना मिली कि घटना में शामिल संदिग्ध नहर पटरी के पास देखे गए हैं। इस सटीक सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने रविवार को तिरछापुल के पास से श्रवण गिरि और प्रणव नाम के दो युवकों को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए बदमाशों के पास से 4 लाख 6 हजार रुपये की नकदी, लूट की रकम से खरीदा गया 40 हजार का कीमती मोबाइल और वारदात में इस्तेमाल अवैध तमंचा बरामद किया गया।
जांच में यह भी सामने आया कि बदमाशों ने इस लूट को अंजाम देने के लिए सिडकुल क्षेत्र से एक मोटरसाइकिल चोरी की थी। पकड़े गए दोनों आरोपी बेहद शातिर किस्म के अपराधी हैं। आरोपी श्रवण गिरि के खिलाफ उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के विभिन्न थानों में करीब एक दर्जन आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं, जबकि दूसरे आरोपी प्रणव के खिलाफ भी हरिद्वार और देहरादून में कई संगीन मामले दर्ज हैं। पूछताछ में इन दोनों ने स्वीकार किया कि उन्होंने मोटे माल की लालच में सेल्समैन को अपना टारगेट बनाया था।
इस खुलासे के दौरान पुलिस को गिरोह के दो अन्य सदस्यों के बारे में भी महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। कप्तान प्रमेन्द्र सिंह डोबाल की इस प्रभावी और त्वरित कार्रवाई की आम जनता जमकर सराहना कर रही है। सफलता हासिल करने वाली पुलिस टीम में थानाध्यक्ष बहादराबाद अंकुर शर्मा, सीआईयू प्रभारी नरेंद्र सिंह बिष्ट और उनके साथी शामिल रहे।
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