हरिद्वार (आरसी/ संदीप कुमार) कहते हैं कि चोर कितना भी शातिर क्यों न हो, खाकी की नजर से बच नहीं सकता। हरिद्वार के एसएसपी नवनीत सिंह के ‘हंटर’ का खौफ अब वाहन चोरों के सिर चढ़कर बोल रहा है। ज्वालापुर पुलिस ने एक ऐसे अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जिसने हरिद्वार से लेकर देहरादून तक की सड़कों पर ‘धूम’ मचा रखी थी। पुलिस ने ‘मोसिन और गुल्सान’ की उस जोड़ी को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है, जो खुद को चोरी का बेताज बादशाह समझ बैठे थे।

मिस्त्री और मैकेनिक का ‘डर्टी गेम’
पकड़े गए आरोपियों का प्रोफाइल किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। एक राजमिस्त्री है तो दूसरा ई-रिक्शा का मैकेनिक। पढ़ाई-लिखाई में भले ही हाथ तंग रहा हो, लेकिन मास्टर चाबी घुमाने में ये पीएचडी होल्डर निकले। आम जनता अपनी गाढ़ी कमाई से बाइक खरीदती और ये जोड़ी पलक झपकते ही उसे पार कर देती। लेकिन इनकी किस्मत का मीटर तब डाउन हो गया जब प्रभारी निरीक्षक कुन्दन सिंह राणा की टीम ने जाल बिछाया।
नहर पटरी का ‘सीक्रेट शोरूम’
ये शातिर चोर गाड़ियां चुराकर सीधे बेचते नहीं थे, बल्कि नहर पटरी के पास एक सुनसान खंडहर को अपना ‘सीक्रेट शोरूम’ बना रखा था। पुलिस ने जब वहां दबिश दी तो एक-दो नहीं, बल्कि पूरे 10 दोपहिया वाहन (8 बाइक और 2 स्कूटी) बरामद हुए। ये गाड़ियां देहरादून के पटेलनगर से लेकर राजपुर तक के इलाकों से उड़ाई गई थीं। चोरों को लगा था कि खंडहर में उनकी करतूतें दफन रहेंगी, लेकिन पुलिस की सुरागरसी ने उनके खेल का ‘द एंड’ कर दिया।
चेकिंग में फंसे ‘उस्ताद’
9 मार्च की सुबह इन चोरों के लिए काल बनकर आई। नहर पटरी पर जब पुलिस की सख्त चेकिंग चल रही थी, तब ये चोरी की बाइक पर शान से निकले थे। पुलिस ने हाथ दिया, धड़कनें बढ़ीं और पूछताछ में सारा राज उगल दिया। एसएसपी हरिद्वार के सख्त निर्देश हैं कि अपराधियों की कमर तोड़ दी जाए, और ज्वालापुर पुलिस ने ठीक वैसा ही कर दिखाया। अब ये ‘उस्ताद’ जेल की रोटी तोड़ेंगे और पुलिस उनके आपराधिक इतिहास की कुंडली खंगाल रही है।
इस कामयाबी के बाद ज्वालापुर पुलिस की चौतरफा वाहवाही हो रही है, और जनता चैन की सांस ले रही है कि उनकी सवारी अब सुरक्षित हाथों में है।
पुलिस टीम इस सफल कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक कुन्दन सिंह राणा, एसएसआई ख़ेमेंद्र गंगवार, एसआई अंशुल अग्रवाल, मनीष भंडारी, गम्भीर तोमर और कांस्टेबल गणेश तोमर, रवि चौहान सहित अन्य पुलिसकर्मियों की मुख्य भूमिका रही।
![]()
