हरिद्वार (आरसी/संदीप कुमार): सोमवार को जनपद के मगरूमपुर स्थित आंगनवाड़ी केंद्र तृतीय पर सोमवार को उस समय हड़कंप मच गया जब जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) धर्मवीर सिंह ने वहां का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान केंद्र की जमीनी हकीकत देखकर स्वयं अधिकारी भी दंग रह गए क्योंकि मौके पर न तो आंगनवाड़ी कार्यकत्री मौजूद थीं और न ही सहायिका। स्थिति यह थी कि जिस स्थान पर केंद्र संचालित होना दिखाया गया था, वहां बच्चों का नामोनिशान तक नहीं था और न ही केंद्र पर ऐसा कोई चिन्ह या बोर्ड लगा पाया गया जिससे यह प्रमाणित हो सके कि वहां कोई आंगनवाड़ी केंद्र संचालित हो रहा है।
निरीक्षण करने पहुंचे जिला कार्यक्रम अधिकारी धर्मवीर सिंह ने बताया कि जिस मकान में केंद्र का संचालन बताया गया था, वहां सन्नाटा पसरा हुआ था। निरीक्षण की खबर सुनते ही मौके पर पहुंची आंगनवाड़ी कार्यकत्री से जब पूछताछ की गई तो उसने स्वीकार किया कि यहाँ संचालन कुछ ही समय से हो रहा है, लेकिन चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि बाल विकास परियोजना अधिकारी द्वारा इस केंद्र का एक साल का किराया पहले ही निकाला जा चुका है। उन्होंने केंद्र संचालन की बात को प्रायोजित बताया।
अधिकारी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कहा कि अब सभी पक्षों को जानने के बाद कड़ी विभागीय कार्यवाही की जाएगी। गौरतलब है कि इस केंद्र की कार्यकत्री पूर्व में भी निरीक्षण के दौरान बिना छुट्टी लिए अनुपस्थित पाई गई थीं। विभाग द्वारा5 इस पूरे मामले में वित्तीय अनियमितताओं और लापरवाही की जांच की जाएंगी।
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