पिथौरागढ़ (आरसी / संदीप कुमार) जनपद के छात्रों को बेहतर शिक्षा और सुलभ सुविधाएं दिलाने के संकल्प के साथ ‘ब्लू आर्मी’ संगठन के संस्थापक कार्तिक टम्टा ने मंगलवार से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी है। दसियों किलोमीटर की कठिन पैदल मार्च पूरी करने के बाद कार्तिक टम्टा अपने दिए हुए वचन को निभाने के लिए अनशन पर बैठ गए हैं। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा है कि जब तक छात्रों की मांगें पूरी नहीं हो जाती और प्रशासन की ओर से ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनकी यह हड़ताल जारी रहेगी।
कार्तिक टम्टा ने इस आंदोलन की शुरुआत के लिए संविधान निर्माता बाबासाहेब भीम राव अंबेडकर की जयंती का दिन चुना। उन्होंने कहा कि हमारे रहबर बाबासाहेब का आशीर्वाद हमारे साथ है और उन्हीं के दिखाए रास्ते पर चलकर यह सत्याग्रह शुरू किया गया है। टम्टा ने क्षेत्र के छात्रों की दयनीय स्थिति पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि आज के आधुनिक युग में भी हमारे बच्चे 13 से 20 किलोमीटर की पैदल दूरी तय कर सरकारी स्कूल जाने को मजबूर हैं। स्कूल बस की सुविधा न होने के कारण गरीब छात्रों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, जिसे अब और बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
भूख हड़ताल के दौरान उन्होंने स्कूल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट (आधारभूत ढांचे के विकास) की मांग पर विशेष जोर दिया। इस आंदोलन की गूँज अब राजनीतिक गलियारों में भी सुनाई देने लगी है। उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) के नेताओं ने ब्लू आर्मी के इस संघर्ष को अपना पूर्ण समर्थन दिया है। यूकेडी नेताओं ने अलग-अलग मंचों के माध्यम से ब्लू आर्मी की मांगों को पूरी तरह जायज ठहराया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पहाड़ों में शिक्षा के अधिकार को सुरक्षित करने और छात्रों को हो रही पीड़ा को दूर करने के लिए यह लड़ाई अत्यंत आवश्यक है।
कार्तिक टम्टा ने भावुक अपील करते हुए कहा कि वे अपने क्षेत्र के नौनिहालों का दर्द अब और नहीं देख सकते। उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि वह अपनी जान की परवाह किए बिना तब तक भूख हड़ताल से नहीं हटेंगे जब तक उनकी वाजिब मांगें मान नहीं ली जातीं। यूकेडी के विभिन्न स्तरों से मिल रहे समर्थन और कार्तिक टम्टा के अडिग रुख के बाद अब स्थानीय प्रशासन और शिक्षा विभाग पर दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है।
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