हरिद्वार (आरसी/संदीप कुमार) पतंजलि योगपीठ के निकट सुरक्षा एनक्लेव, अहमदपुर ग्रांट और सहदेवपुर क्षेत्रों में बारिश के कारण लगातार बन रही जलभराव की समस्या से जल्द निजात मिलने वाली है। जिला प्रशासन ने इस गंभीर समस्या के समयबद्ध और स्थायी समाधान की दिशा में कड़े कदम उठाते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए हैं।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशन में जिला आपदा प्रबंधन सभागार में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता अपर जिलाधिकारी वैभव गुप्ता ने की। बैठक में जलभराव की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की गई और इसके स्थायी समाधान के लिए रूपरेखा तैयार की गई।
सिंचाई विभाग खण्ड रुड़की को सुरक्षा एनक्लेव क्षेत्र में पंपिंग स्टेशन और लगभग 700 मीटर लंबे नए नाले के निर्माण के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट

तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। डीपीआर तैयार होने के बाद हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण द्वारा पंपिंग स्टेशन का निर्माण कराया जाएगा। जब तक स्थायी निर्माण कार्य पूरा नहीं होता, तब तक क्षेत्रवासियों को राहत देने के लिए तहसील रुड़की द्वारा पूर्व की भांति जल निकासी हेतु आवश्यक पंपों की व्यवस्था तुरंत सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
अहमदपुर ग्रांट और सहदेवपुर क्षेत्र में जल निकासी के रास्ते में बाधा बन रहे अतिक्रमणों को नियमानुसार हटाने के लिए तहसीलदार रुड़की और तहसीलदार हरिद्वार को आपसी समन्वय के साथ सख्त कार्रवाई करने को कहा गया है। जहां भी भूमि अधिग्रहण की आवश्यकता होगी, वहां तहसील प्रशासन और सिंचाई विभाग मिलकर संयुक्त रूप से कार्रवाई करेंगे। इसके अलावा सिंचाई विभाग को चैनलाइजेशन, पुलिया निर्माण और नालों की सफाई के लिए भी डीपीआर तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
अपर जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि सभी संबंधित विभाग आपसी तालमेल के साथ इन कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करें, ताकि आगामी वर्षा ऋतु में स्थानीय नागरिकों को जलभराव की समस्या का सामना न करना पड़े।
इस उच्चस्तरीय बैठक में जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत, तहसीलदार विकास अवस्थी, यूपी सिंचाई विभाग के एसडीओ भारत भूषण, सहायक अभियंता शिव कुमार और लोनिवि के अपर अभियंता प्रतीक अग्रवाल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
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