हरिद्वार(आर सी/ संदीप कुमार) उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात के बाद, भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के सदस्यों और प्रशासन के बीच समझौता हुआ। प्रशासन ने किसानों की सभी माँगें स्वीकार कर ली हैं, जिसके बाद किसानों ने अपना धरना समाप्त कर दिया।
स्मार्ट मीटर
प्रशासन ने यह आश्वासन दिया है कि किसानों की सहमति के बिना स्मार्ट मीटर नहीं लगाए जाएँगे। स्मार्ट मीटर लगाने से पहले किसानों को इसके बारे में पूरी जानकारी दी जाएगी।
गन्ना भुगतान
चीनी मिलों को निर्देश दिए गए हैं कि वे सबसे पहले किसानों के गन्ने का बकाया भुगतान करें, उसके बाद ही अन्य किसी काम को प्राथमिकता दी जाए।
अन्य समस्याएँ
किसानों की अन्य समस्याओं को हल करने के लिए डीएम ने जल्द ही एक बैठक बुलाने का वादा किया है, जिसमें किसानों को भी शामिल होने के लिए कहा गया है। यह बैठक 28 अगस्त को होगी।
थानाध्यक्ष का तबादला
किसानों के साथ हुई धक्का-मुक्की के मामले में बहादराबाद के थानाध्यक्ष का तबादला कर दिया गया है। एसएसपी ने यह भी बताया कि किसी भी किसान के खिलाफ बिना सबूत के कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी।
विरोध का कारण
यह पूरा मामला तब शुरू हुआ जब पाँच दिन पहले हरिद्वार के किसान अपनी मांगों को लेकर देहरादून जा रहे थे। बहादराबाद टोल प्लाजा पर पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इस दौरान पुलिस और किसानों के बीच धक्का-मुक्की हुई, जिसका एक वीडियो वायरल हुआ। वीडियो में थानाध्यक्ष किसानों को धक्का देते हुए दिखाई दिए, जिसके बाद किसान आक्रोशित हो गए और टोल प्लाजा पर ही धरने पर बैठ गए।
सोमवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किसानों के एक प्रतिनिधिमंडल को देहरादून बुलाया और उनसे बातचीत की। मुख्यमंत्री से आश्वासन मिलने के बाद, यूनियन के जिलाध्यक्ष विजय शास्त्री के आह्वान पर किसान फिर से टोल प्लाजा पर इकट्ठा हुए, जहाँ डीएम मयूर दीक्षित और एसएसपी प्रमेंद्र डोभाल ने पहुँचकर किसानों को सभी माँगें स्वीकार होने की जानकारी दी।
डीएम और एसएसपी के आश्वासन के बाद किसानों ने अपना धरना समाप्त कर दिया।कर दिया।