बहादराबाद (आर सी/ संदीप कुमार) बहादराबाद-धनौरी कांवड़ पटरी मार्ग पर इन दिनों भू-माफियाओं का ‘जंगल राज’ बेख़ौफ़ चल रहा है। सूत्रों की मानें तो यहां कॉलोनाइजरों ने ‘कॉलोनी’ की आड़ में ग्राम पंचायत की ज़मीन को हड़पने का बड़ा खेल शुरू कर दिया है। ये ज़मीनें जो कभी ग्रामीणों के काम आती थीं, आज भू-माफियाओं के लिए सोने की खान बन चुकी हैं।
खतौनी में ‘खेती’ और प्लॉट पर ‘विकास’
यह खेल कितना बड़ा है, इसका अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जिन ज़मीनों पर खेती की जाती थी, उन्हें रातों-रात 143 (कृषक ज़मीन को अकृषक में बदलना) कराकर प्लॉटों में बदल दिया गया। लेकिन, हैरानी की बात यह है कि राजस्व रिकॉर्ड यानी खतौनी में आज भी ये ज़मीनें ‘फसली’ ही दर्ज हैं। सवाल यह है कि जब कागज़ों में खेती हो रही है, तो ज़मीन पर प्लॉट कैसे बिक रहे हैं?
तालाब-नाले भी नहीं सुरक्षित
भू-माफियाओं की भूख इतनी बढ़ चुकी है कि उन्होंने गांव के तालाबों, नालों और चकरोडों को भी नहीं बख्शा। साठगांठ करके ये लोग इन सार्वजनिक संपत्तियों को भी प्लॉटों के साथ बेच देने की फिराक में हैं। आम जनता का कहना है कि जिस रास्ते पर कभी बैलगाड़ी चलती थी, आज वहां आलीशान घर बन रहे हैं।
सीएम पोर्टल पर शिकायतें, फिर भी ‘दफ्तर-दफ्तर’ का खेल
इस अवैध कब्ज़े और बिक्री से परेशान कई स्थानीय लोगों ने सीएम पोर्टल पर शिकायतें दर्ज कराई हैं, लेकिन सूत्रों के मुताबिक, इन शिकायतों पर भी ‘दफ्तर-दफ्तर’ का खेल चल रहा है। शिकायतें एक विभाग से दूसरे विभाग तक घूम रही हैं और कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है। ग्रामीण सवाल उठा रहे हैं कि जब सरकार ने खुद समाधान के लिए पोर्टल बनाया है, तो फिर कार्यवाही में इतनी देरी क्यों?
वन विभाग का ‘बुलडोजर’ और भू-माफियाओं का ‘खेल’
कुछ कॉलोनियों ने तो वन भूमि पर भी कब्ज़ा जमा लिया था और पक्के रास्ते बना दिए थे। हालांकि, वन विभाग ने ऐसे कब्जों पर बुलडोजर चलाकर अपनी कार्रवाई की, लेकिन भू-माफियाओं का मनोबल अभी भी टूटा नहीं है। कई कॉलोनियों की फाइलें बिना HRDA पास हुए ही धड़ल्ले से बेची जा रही हैं, जबकि कुछ फाइलें अभी भी विभाग में धूल फांक रही हैं।
आम जनता और ग्रामीण इस ‘जंगल राज’ पर सवाल उठा रहे हैं। उनका पूछना है कि क्या सरकारी ज़मीनें इसी तरह बिकती रहेंगी? क्या गांव के तालाब और नाले भू-माफियाओं की भेंट चढ़ जाएंगे? या फिर प्रशासन की नींद खुलेगी और इन पर कोई ठोस कार्रवाई होगी?