हरिद्वार (आर सी/संदीप कुमार)। कुख्यात गैंगस्टर प्रवीण वाल्मीकि का आतंक एक बार फिर उजागर हुआ है। सितारगंज जेल में बंद रहते हुए भी प्रवीण वाल्मीकि ने अपने गिरोह के गुर्गों के जरिए हरिद्वार और रुड़की क्षेत्र में करोड़ों की बेशकीमती संपत्तियों और पार्किंग ठेकों पर कब्जा करने का काला साम्राज्य खड़ा कर रखा था। अब एसटीएफ की सख्त कार्रवाई में गैंग के दो सक्रिय सदस्य पुलिस के हत्थे चढ़ गए हैं।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि बीते कुछ समय से मिल रही गुप्त सूचनाओं और अज्ञात प्रार्थना पत्रों में प्रवीण वाल्मीकि गैंग की अवैध गतिविधियों का खुलासा हुआ था। जानकारी मिली थी कि गिरोह हत्या और रंगदारी जैसे मामलों के साथ-साथ अब संपत्तियों को फर्जी दस्तावेज तैयार कर कब्जाने के धंधे में भी जुटा है। जांच में आरोपों की पुष्टि होने पर एसटीएफ ने विशेष टीम गठित की। बुधवार की रात को थाना गंगनहर क्षेत्र में दबिश देकर गैंग के दो सदस्य मनीष उर्फ बॉलर और पंकज अष्टवाल को गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों रुड़की के ग्राम सुनेहरा निवासी हैं।
संपत्ति कब्जाने के लिए हत्याएं
एसटीएफ की जांच में सामने आया कि प्रवीण वाल्मीकि गैंग ने वर्ष 2018 में सुनेहरा गांव के करोड़पति श्याम बिहारी की संपत्ति हड़पने के लिए उनके भाई कृष्ण गोपाल की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसके बाद जब उनकी पत्नी रेखा ने संपत्ति बचाने की कोशिश की तो उसे धमकियां दी गईं। यहां तक कि 2019 में रेखा के भाई सुभाष पर भी मनीष बॉलर व उसके साथियों से हमला करवाया गया। इन घटनाओं से दहशतजदा परिवार गांव छोड़कर अज्ञात स्थान पर छिपने को मजबूर हो गया।
यही नहीं, गैंग ने महिला रेखा और उसकी भाभी स्नेहलता के नाम से फर्जी पॉवर ऑफ अटॉर्नी बनवाकर करोड़ों की जमीनें बेच दीं। इस खेल में पंकज अष्टवाल की भूमिका अहम रही, जिसने फर्जी दस्तावेज अपने नाम कराकर जमीन की खरीद-फरोख्त कराई।
जेल से चलता रहा गैंग का खेल
वर्ष 2022 में जब प्रवीण वाल्मीकि हरिद्वार जेल में बंद था, तभी उसने मुजफ्फरनगर निवासी कैदी संदीप उर्फ एरोन की 3.5 करोड़ की कनखल स्थित संपत्ति पर कब्जा जमाने की साजिश रची। आरोप है कि प्रवीण ने अपने भतीजे मनीष बॉलर और संजय चांदना को यह काम सौंपा। जेल से छूटने पर उन्होंने एरोन की संपत्ति पर बिना भुगतान एग्रीमेंट करा लिया। हालांकि, बाद में इस डील की जानकारी सुनील राठी तक पहुंची तो दबाव बनाकर सौदा खत्म करा दिया गया।
दो गिरफ्तार, कई की तलाश
एसटीएफ ने मनीष बॉलर (40) और पंकज अष्टवाल (30) को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में उन्होंने फर्जी दस्तावेजों और संपत्तियों की खरीद-फरोख्त में शामिल अन्य लोगों के नाम भी बताए हैं। टीम अब फरार आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है।
एसएसपी एसटीएफ नवनीत सिंह भुल्लर ने कहा कि प्रवीण वाल्मीकि गैंग पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है। गैंग द्वारा की गई हत्याओं, धमकियों और फर्जीवाड़े के कई मामलों की जांच तेज कर दी गई है। जल्द ही गिरोह के अन्य सदस्य भी जेल की सलाखों के पीछे होंगे।