बहादराबाद(आर सी/ संदीप कुमार)राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के निर्देशानुसार चलाए जा रहे ‘पैन इंडिया रेस्क्यू रिहैबिलिटेशन कैंपेन’ के तहत बहादराबाद क्षेत्र में बाल श्रम के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई। जिला टास्क फोर्स ने मंगलवार, 26 अगस्त 2025 को एक अभियान चलाकर एक 13 वर्षीय बाल श्रमिक को एक बाइक सर्विस सेंटर से बचाया।
यह अभियान बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियम) अधिनियम, 1986 के संशोधित अधिनियम 2016 के तहत चलाया गया था, जो बाल श्रम को पूरी तरह से प्रतिबंधित करता है।
अभियान में शामिल टीम:
इस अभियान में श्रम प्रवर्तक अधिकारी, श्री अनिल कुमार पुरोहित, बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष, श्री प्रियबन्धु, महिला हेड कांस्टेबल विनिता सेमवाल (एएचटीयू), आशीष सैनी (सुपरवाइजर, चाइल्डलाइन 1098), राजेंद्र कुमार (केस वर्कर, चाइल्डलाइन) और पुलिस विभाग से कांस्टेबल वीरेंद्र सिंह और वीरेंद्र शर्मा (थाना बहादराबाद) शामिल थे।
कार्रवाई का विवरण:
दोपहर 3:55 बजे, टीम ने बहादराबाद के अतमलपुर बोंगला स्थित ‘हसीन सर्विस सेंटर’ पर छापा मारा। वहां 13 साल 3 महीने का एक लड़का, जिसका नाम मनीष है, बाइक सर्विसिंग का काम करते हुए पाया गया।
कानूनी कार्रवाई:
श्रम प्रवर्तन अधिकारी अनिल कुमार पुरोहित के अनुसार, बाल श्रम अधिनियम की धारा 3 के तहत बाल श्रमिक का नियोजन पूरी तरह से निषिद्ध है और धारा 14 के तहत यह एक दंडनीय और संज्ञेय अपराध है। मौके पर दुकान मालिक मोहम्मद हसीन पुत्र शरीफ कोई भी वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके।
एफआईआर दर्ज करने के निर्देश:
इस गंभीर अपराध को देखते हुए, श्रम प्रवर्तन अधिकारी ने बहादराबाद थाने में दुकान मालिक मोहम्मद हसीन के खिलाफ एफआईआर करने के लिए एक पत्र सौंपा है। पत्र में सेवायोजक द्वारा बाल श्रमिक को नियोजित करने के अपराध का उल्लेख किया गया है।
इस कार्रवाई से यह स्पष्ट संदेश गया है कि जिला प्रशासन बाल श्रम के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रहा है और भविष्य में भी ऐसे अभियान जारी रहेंगे। बचाए गए बच्चे को आगे की कार्यवाही के लिए चाइल्डलाइन को सौंप दिया गया है।