बहादराबाद (आरसी/संदीप कुमार): उत्तराखंड गौवंश संरक्षण स्कवाड और स्थानीय पुलिस ने ग्राम मुस्तफाबाद के जंगल में छापेमारी कर गौकशी के एक मामले का खुलासा किया है। 18 जनवरी की देर रात हुई इस कार्रवाई में पुलिस ने मौके से करीब 85 किलोग्राम गौमांस, एक पशु का कटा सिर, चार खुर और भारी मात्रा में गौकशी के उपकरण बरामद किए हैं। पुलिस की घेराबंदी देख आरोपी अंधेरे और खेतों का फायदा उठाकर मौके से भाग निकले, जिनकी तलाश में पुलिस टीमें जुटी हुई हैं।
पूरा मामला तब शुरू हुआ जब गौवंश स्कवाड के उप-निरीक्षक शरद सिंह को मुखबिर के जरिए सूचना मिली कि मुस्तफाबाद क्षेत्र में कुछ लोग गौकशी कर मांस बेचने की फिराक में हैं। सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए स्कवाड की टीम और बहादराबाद थाने की पुलिस ने इलाके की घेराबंदी की। जब पुलिस टीम मौके के करीब पहुंची, तो वहां लाइट की रोशनी में कुछ लोग मांस की कांट-छांट करते दिखे। पुलिस को देखते ही आरोपियों ने वहां से दौड़ लगा दी। पुलिस कर्मियों ने खेतों और झाड़ियों में उनका काफी पीछा किया, लेकिन रात के अंधेरे के कारण वे हाथ नहीं आए।
फरार आरोपियों की पहचान आजम, सुलेमान और मुस्तफा के रूप में हुई है, जबकि उनके साथ एक अज्ञात साथी भी शामिल था। घटनास्थल पर निरीक्षण के दौरान पुलिस को एक प्लास्टिक की पल्ली पर भारी मात्रा में मांस, तराजू और लकड़ी का गुटका मिला। सूचना मिलने पर पशु चिकित्साधिकारी डॉ. रोहित सिंह मौके पर पहुंचे और बरामद मांस के गौवंशीय होने की पुष्टि की। लैब परीक्षण के लिए नमूने सील करने के बाद, शेष मांस को नियमानुसार गड्ढा खुदवाकर मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ उत्तराखंड गौवंश संरक्षण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है और उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।
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