हरिद्वार(आरसी / संदीप कुमार) आगामी चारधाम यात्रा के सुगम संचालन और श्रद्धालुओं की सुविधा के मद्देनजर हरिद्वार जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने नगर क्षेत्र में चल रहे सीवरेज निर्माण कार्यों की सुस्त रफ्तार पर कड़ा रुख अपनाते हुए अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं को सख्त हिदायत दी है। राज्य अतिथि गृह में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि यात्रा शुरू होने से पहले सभी निर्माण कार्य हर हाल में पूरे कर लिए जाएं ताकि स्थानीय व्यापारियों, जनता और तीर्थयात्रियों को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

जिलाधिकारी ने कार्यों में तेजी लाने के लिए रणनीतिक बदलाव के निर्देश देते हुए कहा कि अब निर्माण कार्य केवल एक शिफ्ट में नहीं बल्कि तीन शिफ्टों में चौबीसों घंटे किया जाएगा। उन्होंने कार्यदायी संस्था को स्पष्ट किया कि श्रमिकों की संख्या तुरंत बढ़ाई जाए और कार्य की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न हो। जिलाधिकारी ने समय प्रबंधन पर जोर देते हुए कहा कि जो कार्य रात के समय संभव हैं, उन्हें रात्रि पाली में किया जाए और दिन के समय होने वाले कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए।
विशेष रूप से अपर रोड की स्थिति पर चर्चा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि यहाँ चल रहे सीवरेज कार्य को एक सप्ताह के भीतर अनिवार्य रूप से पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कार्य पूर्ण होते ही इस सड़क को तुरंत लोक निर्माण विभाग (PWD) को हस्तांतरित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि लोक निर्माण विभाग अपनी मरम्मत और निर्माण प्रक्रिया शुरू कर सके और सड़कों को आवाजाही के लिए बेहतर बनाया जा सके।
इस समीक्षा बैठक में जीएम गंगा डिविजन उत्तराखंड पेयजल निगम आर के जैन, सिटी मजिस्ट्रेट कुश्म चौहान, परियोजना प्रबंधक मीनाक्षी मित्तल सहित जल संस्थान के अधिशासी अभियंता हरीश बंसल और संबंधित ठेकेदार मौजूद रहे। प्रशासन की इस सख्ती से उम्मीद जताई जा रही है कि यात्रा सीजन से पहले शहर की सड़कों की स्थिति में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।
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