बहादराबाद (आरसी / संदीप कुमार) हरिद्वार की शांत फिजाओं में फायरिंग की एक ऐसी सनसनीखेज वारदात ने इलाके को दहला दिया, जिसने पुलिस प्रशासन की भी नींद उड़ा दी। 12 मई की रात को एक व्यक्ति की जान लेने की नीयत से उसका पीछा किया गया और बेखौफ बदमाशों ने चलती गाड़ी पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं। इस दुस्साहसिक हमले के बाद से ही क्षेत्र में दहशत का माहौल बना हुआ था।
घटना का शिकार हुए मंगलौर निवासी विजय भाई ने जब 18 मई को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, तो पूरे मामले का खुलासा हुआ। वादी ने बताया कि कैसे हमलावरों ने सड़क पर मौत का तांडव मचाया और उनका पीछा करते हुए उन पर जानलेवा हमला किया। शिकायत मिलने के बाद बहादराबाद पुलिस ने आनन-फानन में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की टीम ने जाल बिछाना शुरू किया। सीसीटीवी फुटेज से लेकर फील्ड यूनिट की फॉरेंसिक जांच तक, पुलिस ने एक-एक कड़ी जोड़ना शुरू किया। गाड़ी के निशान और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों ने इस बात की पुष्टि कर दी कि हमला कितना घातक था। पुलिस की टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थीं, जिससे अपराधियों के हौसले पस्त हो गए।
पुलिस का खौफ ऐसा था कि 24 मई की रात आरोपी मन्जीत पुत्र औंकार सिंह ने खुद ही घुटने टेक दिए। वह अपनी काली स्कार्पियो गाड़ी लेकर खुद थाना बहादराबाद जा पहुंचा। पुलिस ने न केवल उसे गिरफ्तार किया, बल्कि उस घातक हथियार को भी बरामद कर लिया जिससे वह खून की होली खेलने निकला था। 315 बोर का तमंचा और एक जिंदा कारतूस पुलिस के हाथ लगा है।
आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उस पर आर्म्स एक्ट की गंभीर धाराएं और जोड़ दी हैं। आज उसे न्यायालय के सामने पेश किया गया। फिलहाल, पुलिस इस पूरे मामले की कड़ियों को जोड़ रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस खौफनाक वारदात के पीछे की असली साजिश क्या थी। उपनिरीक्षक हेमदत्त भारद्वाज और कांस्टेबल बलवन्त सिंह की सक्रियता ने एक बड़े अपराधी को सलाखों के पीछे पहुँचाने का काम किया है।
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