शांतरशाह (आरसी / संदीप कुमार) पतंजलि-सहदेवपुर मार्ग इन दिनों भीषण जाम की समस्या से जूझ रहा है। शाम होते ही यह व्यस्त मार्ग ‘पार्किंग ज़ोन’ में तब्दील हो जाता है, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों का निकलना दूभर हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि समस्या के प्रति प्रशासनिक उदासीनता के कारण उन्हें हर रोज भारी मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है।
जाम का मुख्य कारण मार्केट में आने वाले ग्राहकों द्वारा अपने वाहनों को निर्धारित पार्किंग के बजाय सीधे सड़क पर खड़ा करना है। दुकानदारों ने भी अपनी दुकानें सड़क तक बढ़ा ली हैं, जिससे सड़क की चौड़ाई काफी कम हो गई है। हालात यह हैं कि सामान खरीदने के लिए आने वाले लोग अपने दोपहिया और चार पहिया वाहन सड़क के बीच में ही खड़े कर देते हैं, जिससे पीछे वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं। कई बार यह जाम इतना विकराल हो जाता है कि लोग घंटों तक इसमें फंसे रहते हैं।
इस मार्ग पर स्थित हनुमान मंदिर की वजह से मंगलवार का दिन विशेष रूप से चुनौतीपूर्ण होता है। शाम की आरती के समय भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है, जिसके कारण पहले से ही जाम में दबे इस रास्ते पर दबाव और बढ़ जाता है। इसके अलावा, सड़क के किनारे लगी गन्ने के जूस और अन्य खाद्य पदार्थों की अस्थाई ठेलियों ने भी रास्ते को पूरी तरह से अवरुद्ध कर दिया है। ग्राहक अपनी गाड़ी सड़क पर रोककर इन ठेलियों पर खरीदारी करते हैं, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित हो जाता है।
आसपास के स्थानीय निवासियों और नियमित राहगीरों का कहना है कि उन्होंने कई बार इस संबंध में शिकायत करने की सोची है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि सड़क से अतिक्रमण हटाया जाए, दुकानदारों को सड़क पर सामान न रखने की सख्त हिदायत दी जाए और शाम के समय पुलिस या ट्रैफिक कर्मियों की तैनाती की जाए ताकि बेतरतीब पार्किंग पर रोक लग सके। फिलहाल, जब तक प्रशासन इस ओर कोई कड़ा कदम नहीं उठाता, तब तक पतंजलि-सहदेवपुर मार्ग से गुजरने वाले हजारों लोगों को रोज शाम को इस ‘जाम के चक्रव्यूह’ से जूझना ही पड़ेगा।
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