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रो नदी का सीना छलनी, अवैध भराव से मालामाल कॉलोनाइजर और प्रशासन की चुप्पी पर उठे गंभीर सवाल

बहादराबाद (आरसी/संदीप कुमार): उत्तराखंड सरकार द्वारा अवैध खनन के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति के तमाम दावों के बीच गांव बहादरपुर सैनी रूड़की तहसील इलाका खनन माफियाओं की मनमानी का केंद्र बना हुआ है। बहादरपुर सैनी गांव के समीप स्थित रो नदी में इन दिनों अवैध खनन का काला कारोबार दिनदहाड़े फल-फूल रहा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि जब दिन के उजाले में यह अवैध खेल बेधड़क जारी है, तो रात के अंधेरे में माफियाओं का रसूख किस स्तर पर पहुंचता होगा, इसका सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है।

नदी से खनन सामग्री से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां पथरी पुल के समीप स्थित बंधे से निकलकर पिछपड़ी गांव के बीच से होती हुई सीधे धनौरी रोड की ओर दौड़ती हैं। इन ट्रॉलियों का मुख्य गंतव्य धनौरी रोड पर विकसित हो रही नई कॉलोनियां हैं, जहाँ मोटी रकम लेकर अवैध रूप से यह सामग्री पहुंचाई जा रही है। इस गठजोड़ से जहां माफिया और कॉलोनाइजर आर्थिक रूप से मालामाल हो रहे हैं, वहीं सरकार को मिलने वाले राजस्व को भारी चपत लग रही है।

सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि प्रशासन और संबंधित विभाग इन कॉलोनियों पर कभी कोई जांच नहीं करते। क्षेत्र में विकसित हो रही इन कॉलोनियों में इतनी भारी मात्रा में मिट्टी और खनन सामग्री का भराव आखिर कहाँ से और कैसे हुआ, यह एक बड़ा सवाल खड़ा करता है। सरकारी तंत्र की यह उदासीनता और लापरवाही सीधे तौर पर सिस्टम की कार्यप्रणाली को कटघरे में खड़ा करती है।

अवैध खनन के इस पूरे गोरखधंधे के बावजूद संबंधित विभाग ने अपनी आंखें मूंद रखी हैं, जिससे ऐसा प्रतीत होता है कि जिम्मेदार अधिकारी या तो इस कालाबाजारी से पूरी तरह अनभिज्ञ हैं या फिर उनकी मौन सहमति माफियाओं के हौसले बुलंद कर रही है। अनियंत्रित गति से दौड़ते ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के कारण स्थानीय आम जनमानस में रोष व्याप्त है और लोग अब इस सरकारी लापरवाही को उजागर करते हुए प्रशासनिक कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

 

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By आर सी /संदीप कुमार

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