बहादराबाद (आरसी/संदीप कुमार)उत्तराखंड के बहादराबाद थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले हलवाहेडी गांव से सामने आई तस्वीरें और वीडियो इस समय सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बने हुए हैं। इन वीडियो में जो कुछ भी कैद हुआ है, वह न केवल हैरान करने वाला है, बल्कि स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली और इकबाल पर गंभीर सवालिया निशान खड़ा करता है।
हैरानी की बात यह है कि अब खनन माफिया या उनसे जुड़े तत्व इतने बेखौफ हो चुके हैं कि वे अपनी अवैध गतिविधियों को छिपाने के बजाय खुद सोशल मीडिया पर साझा कर रहे हैं। रात के घने अंधेरे में रेत और अन्य खनन सामग्री की चोरी का लाइव प्रदर्शन करते हुए ये वीडियो यह बताने के लिए काफी हैं कि उन्हें प्रशासन का कोई खौफ नहीं है। ऐसा प्रतीत होता है मानो इन वीडियो के जरिए प्रशासन को सीधे चुनौती दी जा रही हो। एक तरह से यह सिस्टम को आईना दिखाने की कोशिश है कि उनके नाक के नीचे कानून की धज्जियां कैसे उड़ाई जा रही हैं।
जब डिजिटल युग में सबूत खुद-ब-खुद विभाग की दहलीज तक पहुंच रहे हैं, तो संबंधित विभाग का कार्रवाई से कतराना कई तरह की शंकाओं को जन्म देता है। यह स्थिति न केवल कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती है, बल्कि विभाग की नीयत पर भी संदेह पैदा करती है कि क्या वे इन पर कार्रवाई करने में अक्षम हैं या फिर मिलीभगत के चलते सब कुछ नजरअंदाज किया जा रहा है। जब अपराधी सरेआम कानून का मजाक उड़ाते हैं और प्रशासन मूकदर्शक बना रहता है, तो आम जनता के बीच कानून-व्यवस्था के प्रति अविश्वास की भावना पनपना स्वाभाविक है।
हलवाहेडी क्षेत्र में चल रहे इस काले कारोबार से न केवल सरकारी राजस्व को भारी चूना लग रहा है, बल्कि क्षेत्र के पर्यावरण और पारिस्थितिकी तंत्र को भी अपूरणीय क्षति पहुंच रही है। रात के अंधेरे में सौ-सौ टन माल की हेराफेरी कर मोटी कमाई करने वाले ये माफिया समाज में एक गलत उदाहरण पेश कर रहे हैं। यह स्थिति प्रशासन के लिए एक अग्निपरीक्षा है। अब देखने वाली बात यह है कि क्या संबंधित अधिकारी इन वायरल वीडियो को संज्ञान में लेकर आरोपियों पर सख्त कार्रवाई करेंगे या फिर यह मामला भी चंद दिनों की चर्चा बनकर फाइलों में दफन हो जाएगा। क्षेत्र की जनता अब सिर्फ जवाब नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई देखना चाहती है ताकि कानून का सम्मान वापस बहाल हो सके।
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