हरिद्वार (आरसी/संदीप कुमार) उत्तराखंड की राजनीति में सामाजिक समीकरणों को साधने की कवायद के बीच एक बड़ा फेरबदल हुआ है। बहुजन आर्मी संगठन के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरविंद कुमार ने संगठन को छोड़कर अब लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) का दामन थाम लिया है। पार्टी हाईकमान ने उन पर भरोसा जताते हुए उन्हें उत्तराखंड अनुसूचित जाति/जनजाति प्रकोष्ठ का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है। अरविंद कुमार के इस कदम को प्रदेश में दलित और पिछड़ा वर्ग की राजनीति को एक नई दिशा देने के रूप में देखा जा रहा है।

प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिलने पर अरविंद कुमार ने राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान का धन्यवाद करते हुए अपने भविष्य के विजन को साझा किया। उन्होंने वर्तमान राजनीतिक हालात पर चिंता जताते हुए कहा कि आज समाज में बाबा साहेब और अन्य महापुरुषों के नाम पर राजनीति तो चमक रही है, लेकिन समाज के वास्तविक विकास को दांव पर लगा दिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि लोजपा (R) में शामिल होने का उनका मुख्य उद्देश्य समाज में बढ़ रहे बिखराव को रोकना और लोगों को यह समझाना है कि विभाजन के बजाय सरकार के साथ मिलकर चलने से ही समाज का उत्थान और विकास सुनिश्चित हो सकता है।
अरविंद कुमार ने तीखे शब्दों में कहा कि कई नेता और संगठन अपने स्वार्थ की पूर्ति के लिए समाज में अलगाववाद को बढ़ावा दे रहे हैं और समाज के भीतर दरार पैदा कर रहे हैं। उनका लक्ष्य समाज को इस अलगाववादी सोच से मुक्ति दिलाकर एकजुट करना है ताकि सत्ता और शासन में समाज की मजबूत हिस्सेदारी तय की जा सके। उन्होंने कहा कि जब समाज के प्रतिनिधि सही सोच के साथ सत्ता में बैठेंगे, तभी वे केवल अपने समाज की प्रगति और कल्याण के लिए कार्य कर पाएंगे, न कि विभाजनकारी राजनीति के लिए।
स्वर्गीय रामविलास पासवान और चिराग पासवान की विचारधारा का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जिस तरह पासवान परिवार ने हमेशा एक विकसित सोच के साथ समाज को मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य किया है, वही मॉडल अब उत्तराखंड में भी लागू किया जाएगा। अरविंद कुमार के मुताबिक, समाज तभी विकसित हो पाएगा जब वह एकजुट होकर अपनी आवाज उठाएगा और सरकार में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करेगा। उन्होंने संकल्प लिया कि वे एक विकसित और प्रगतिशील समाज बनाने की दिशा में निरंतर कार्य करते रहेंगे।
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